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कोरोना से बचें - यूँ रखें सफाई

स्वच्छता क्यों महत्वपूर्ण है? कोरोना हो या नहीं! English

नोबेल कोरोना वायरस के आतंक ने दुनिया भर के लोगों का ध्यान स्वच्छता की आदतों को अपने रोज़ के जीवन में उतारने की ओर दिलाया है। अब जब हम हर चीज़ और हर किसी को एक खतरनाक वायरस के संदिग्ध वाहक के रूप में देख रहे हैं, तो अलग-अलग वस्तुओं को साफ करने के लिए सैनिटाइज़र, अल्कोहल या ब्लीच-आधारित कीटाणुनाशक दवाओं का उपयोग हो रहा है। इनमें से बहुत सी आदतें जिनका हम आज सख्ती से पालन कर रहे हैं - उदाहरण के लिए बार-बार अच्छे से हाथ धोना, संक्रमण के खिलाफ कालातीत बचाव है जिसकी वकालत चिकित्सकों ने वर्षों से की है।

पालतू जानवरों को छूने के बाद हाथ न धोना, खाना बनाते समय चेहरे को छूना और भोजन तैयार करते समय छींकने या खांसने के लिए अलग ना जाना जैसी छोटी-छोटी लापरवाह हरकतें हमें कई तरह के संक्रमण का शिकार बना सकती हैं, सिर्फ़ नोबेल कोरोनवायरस का ही नहीं। 

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण, साल्मोनेला संक्रमण, इन्फ्लूएंजा, और सामान्य सर्दी ऐसे कई स्वास्थ्य खतरों में से एक हैं जिनसे हम भविष्य में बच सकते हैं यदि हम बढ़िया स्वच्छता आदतों का पालन करते हैं, तब भी जब भले ही कोरोना का व्यापक खतरा समाप्त हो गया हो।


हाथ धोना

साबुन की थोड़ी मात्रा कोरोना वायरस के खिलाफ हमारे लिए सबसे अच्छा बचाव है। साबुन और पानी का घोल प्रोटीन और लिपिड जैसे घटकों के बीच के संबंध को तोड़ने में मदद करता है जो वायरस या बैक्टीरिया की संरचना बनाते हैं, जिससे वे हमारी कोशिकाओं से जुड़ने में असमर्थ हो जातें हैं और संक्रमण नहीं फैलता है। एल्कोहल -आधारित सैनिटाइज़र भी इसी तरह काम करता है।

यहां महत्वपूर्ण बात यह सुनिश्चित करना है कि आप अपने हाथों को लंबे समय तक धोएं - लगभग 20 सेकंड के लिए – हर बार और पूरी सतह को कवर करें, विशेष रूप से मुश्किल स्पॉट जैसे कि उंगली और नाखूनों के बीच। यह सुनिश्चित करें कि वायरस के लिए छिपने का कोई स्थान नहीं बचे नहीं तो इस प्रक्रिया का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। यह एक ही सिद्धांत अन्य सभी वायरस और बैक्टीरिया पर लागू होता है, जिनके हम संपर्क में आते हैं।


रसोई की स्वच्छता

इतने सारे खाद्य पदार्थों, व्यंजन, स्पंज, डिशक्लॉथ आदि के साथ रसोई आपके शरीर के अंदर आश्रय लेने की प्रतीक्षा करने वाले खतरनाक रोगाणुओं का एक केंद्र हो सकता है। अपने घर में संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए आपको कुछ स्वच्छता नियमों का पालन करना चाहिए:

  • लगभग एक घंटे के लिए गर्म पानी और बेकिंग सोडा के घोल में डुबोकर कच्चे उत्पादों को कीटाणुरहित करें।
  • कच्चे मांस और सब्जियों को काटने के बाद उसी बिना धुले चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमाल नहीं करें ताकि क्रॉस संक्रमण से बचा जा सके।
  • बर्तनों को साफ ​​करने के लिए गर्म पानी और डिशवॉशिंग साबुन के मिश्रण का उपयोग करें और फिर उन्हें अच्छी तरह खंगालें। 
  • डिशक्लॉथ और स्पंज साफ़ करने के लिए - आमतौर पर ब्लीच के रूप में जाना जाने वाला हाइपोक्लोराइट कीटाणुनाशक का उपयोग करें। और इन्हें हर दिन साफ़ करें।
  • सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा इस्तेमाल की गई सब्जी और मांस अच्छी तरह से पका हुआ है।

बाथरूम की सफाई

कीटाणुओं, जीवाणुओं और विषाणुओं से युक्त एक अन्य स्थान है आपका बाथरूम। सिंक बाउल के नीचे की जगह, टॉइलट सीट के रीम के खाली जगह आदि इनके संक्रमण के हॉटस्पॉट हो सकते हैं। ये कुछ घरेलू सफाई के नियम हैं, जिनका ध्यान रखा जाना चाहिए:

  • साबुन और पानी बाथरूम में छिपे हुए रोगाणुओं से छुटकारा पाने में अप्रभावी हैं, जो आपके बाथरूम के मुश्किल स्थानों में छिपे हुए हैं।
  • क्लोरीन- और बीच आधारित क्लीनर इस काम को अधिक प्रभावी ढंग से करते हैं।
  • टॉयलेट सीट और वॉशबेसिन को हर दिन, नियमित रूप से एसिड-आधारित क्लीनर से साफ किया जाना चाहिए और फिर क्लोरीन और ब्लीच से कीटाणुरहित करना चाहिए।
  • बाथरूम की सफाई के दौरान पानी के छींटे मारने से बचें, क्योंकि इससे दूषित पदार्थों के आसपास स्थानांतरित होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • यह सुनिश्चित करें कि बाथरूम / शौचालय का उपयोग करने के बाद घर का प्रत्येक सदस्य स्वयं सफाई करे।
  • बाद में हाथ धोना न भूलें।

कपड़े धोने की स्वच्छता

हां, कपड़े धोने की टोकरी में जमा किया गया गंदे कपड़ों का ढेर भी रोगाणुओं को आश्रय देने के लिए एक मेजबान का काम कर सकता है। अपने घर में इनके संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए आप ये नियम अपनाएं:

  • अपने कपड़ों को नियमित रूप से जितना संभव हो सके, हर दिन धोएं, क्योंकि गंदे कपड़ों में पसीना और गंदगी जमा हो सकती है।
  • गर्म पानी में कपड़े धोना संक्रमण के स्तर को कम करने में प्रभावी है।
  • क्रॉस-संदूषण से बचने के लिए अपने कपड़ों को बनावट या उपयोग के अनुसार अलग करें, न कि सिर्फ रंग से। उदाहरण के लिए, सूती और ऊनी को एक साथ धोने से इन कपड़ों के तंतु आपस में मिल सकते हैं, जिससे प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह, वर्कआउट के कपड़े या अंडरवियर और मोजे धोने से रोगाणु उन कपड़ों तक भी फैल सकते हैं जो उतने अधिक गंदे नहीं थे।
  • अगर कपड़ों की देखभाल संबंधी कुछ विशिष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं तो डिटर्जेंट और पानी के मिश्रण में कीटाणुनाशक भी मिला सकते हैं।
  • अपने कपड़ों को थोड़ी धूप दिखाएं। यह एक प्राकृतिक कीटाणुनाशक के रूप में कार्य करता है।
ये छोटी -छोटी आदतें या नियम एक अतिरिक्त बोझ की तरह लग सकतीं हैं, खासकर अब जब हम सभी घर पर हैं और घर से काम कर रहे हैं, लेकिन ये नियम उन सभी खतरनाक बीमारियों से लंबे समय तक बचाव के लिए बहुत कारगर हैं।

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