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कोविड-19 वैक्सीन - कहां और कैसे लगवाएं, जानिए इससे जुड़ी पूरी जानकारी

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आप जल्द से जल्द कोविड-19 का वैक्सीन लगवाना चाहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे कैसे और कहां जाकर लगवाएं, इसके लिए रजिस्ट्रेशन कैसे कराएं, आपको किन दस्तावेजों की ज़रूरत होगी और आवश्यक शर्तें क्या हैं? टेंशन की कोई बात नहीं। इस लेख में वैक्सीन से जुड़े इन सभी पहलुओं के बारे में हम विस्तार से बता रहे हैं।

भारत में कोविड-19 वैक्सीनेशन (टीकाकरण) अभियान की शुरुआत 16 जनवरी से हुई थी। नोवल कोरोना वायरस से बचने के लिए अब वैक्सीनेशन अभियान का तीसरा चरण शुरू हो चुका है।

टीकाकरण अभियान और इसके चरण

हमारी विशाल जनसंख्या और जनसांख्यिकी में विविधता के कारण वैक्सीनेशन अभियान कई चरणों में चलाया जा रहा है। एक ही बार में सभी के लिए वैक्सीन उपलब्ध करवाने से स्वास्थ्य सेवाओं का बुनियादी ढांचा खतरे में पड़ सकता था और पूरा अभियान असफल हो सकता था। वैक्सीनेशन अभियान की सफलता को देखते हुए, हर किसी (सभी आयु वर्ग) के लिए जल्द ही वैक्सीनेशन शुरू किए जाने की संभावना है।

भारत में कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान के पहले चरण में, हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन कर्मचारी जैसे कि सैन्यकर्मी, पैरामिलिट्री और पुलिस कर्मियों को वैक्सीन लगाया गया था। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 8 मिलियन से अधिक लोगों को कार्यक्रम के एक महीने के भीतर वैक्सीन की पहली डोज दी गई है।

1 मार्च को शुरू हुए वैक्सीनेशन के दूसरे चरण में, 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और किसी गंभीर बीमारी (हृदय रोग, डायबिटीज, ऑटो इम्यून जैसी मौजूदा समस्याएं जो कोविड-19 के खतरे और मृत्यु दर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं) से जूझ रहे 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन दी गई।

1 अप्रैल से वैक्सीनेशन अभियान का तीसरा चरण शुरू हुआ है जिसमें 45 साल से अधिक उम्र के सभी लोग चाहे उनकी सेहत जैसी भी हो, वैक्सीन ले सकते हैं।

अन्य उम्र के लोगों के लिए भी जल्द ही वैक्सीनेशन शुरू होने की संभावना है।

वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

पात्र व्यक्ति वैक्सीन के लिए cowin.gov.in लिंक या फिर आरोग्य सेतु ऍप के जरिए खुद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन करने के लिए, आपको अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा और इसे ओटीपी के माध्यम से वेरीफाई करना होगा। एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल ख़ुद के अलावा चार और लोगों के रजिस्ट्रेशन के लिए किया जा सकता है।

इसके बाद, आपको चार प्रमुख विवरण दर्ज करने होंगे - फोटो आईडी जिसे आपको वैक्सीनेशन के दौरान अपने साथ ले जाना होगा, फोटो आईडी नंबर (जैसे कि, यदि आप अपने आधार कार्ड को आईडी के रूप में उपयोग कर रहे हैं, तो आपको अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा), लिंग , उम्र, और कोई भी बीमारी (गंभीर बीमारियां जैसे डायबिटीज, हृदय संबंधी समस्या, यदि आप 60 वर्ष से कम उम्र के हैं, तो इसके लिए आपको लाइसेंस प्राप्त मेडिकल प्रैक्टिशनर से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत पड़ेगी)।

इन विवरणों को भरने के बाद आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद आपको एक कन्फर्मेशन मैसेज मिलेगा। इस स्टेज पर आप एक ही नंबर का इस्तेमाल करके तीन और लोगों का रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

एक बार रजिस्टर्ड होने के बाद, आप ‘शेड्यूल अपॉइंटमेंट’ पर क्लिक कर सकते हैं। अपने आसपास के वैक्सीनेशन सेंटर चुनने के लिए, आपको ड्रॉप-डाउन मेनू से जाकर अपना राज्य, जिला, पिन कोड और ब्लॉक चुनना होगा। जैसे ही वैक्सीनेशन सेंटर मिल जाये उसके बाद आप अपनी उपलब्धता के आधार पर एक तारीख और सुबह 9 बजे से 3 बजे के बीच का कोई भी समय चुन सकते हैं।

‘बुक’ बटन पर क्लिक करने पर आप ‘अपॉइंटमेंट कन्फर्मेशन’ पेज पर आ जाएंगे। यहां, आपको अपनी अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए एक बार फिर से सभी विवरणों को कन्फर्म करना होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप जिस स्थान पर वैक्सीन लगवा रहे हैं वहां का स्थायी निवासी होना जरूरी नहीं है। जैसे कि, हिमाचल प्रदेश का व्यक्ति केरल में वैक्सीन (टीका) लगवा सकता है वहीँ केरल वाला भी हिमाचल या किसी और राज्य में जाकर अपनी सुविधानुसार टीका लगवा सकता है।

वैक्सीन लगने से ठीक पहले तक आप वैक्सीनेशन के अपॉइंटमेंट के दौरान दर्ज़ किए गए विवरणों में कोई बदलाव कर सकते हैं। लेकिन जैसे ही आपको वैक्सीन की पहली डोज लग जाएगी उसके बाद ये सारी डिटेल्स को लॉक कर दिया जाता है और डेटाबेस में दर्ज कर लिया जाता है।

ऐसे लोग जिनकी इंटरनेट तक पहुंच नहीं है या जो cowin लिंक के जरिए रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकते हैं उनके लिए ऑन-साइट रजिस्ट्रेशन का विकल्प भी उपलब्ध है । इसके लिए, आप बस निकटतम वैक्सीनेशन सेंटर (टीकाकरण केंद्र) में जा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन से लेकर वैक्सीनेशन तक की पूरी प्रक्रिया उसी दिन पूरी हो जाएगी।

टीकाकरण की प्रक्रिया क्या है?

वर्तमान में भारत में कोविड-19 से बचाव के लिए दो वैक्सीन लगाई जा है - कोविशील्ड, ऑक्सफोर्ड - एस्ट्राजेनेका वैक्सीन जो भारत के सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित है, और कोवैक्सीन, जोकि भारत बायोटेक द्वारा निर्मित स्वदेशी वैक्सीन है। वैक्सीन के दोनों खुराक के बीच कम से कम 28 दिनों का अंतराल होना चाहिए।

हालांकि, 29 वें दिन ही दूसरी खुराक लेना अनिवार्य नहीं है। आप 29 से 56 वें दिन के भीतर कभी भी वैक्सीन की दूसरी खुराक ले सकते हैं। हालांकि, यह सलाह दी जाती है कि दूसरी खुराक भी उसी केंद्र से ली जाए, जहां से आपने वैक्सीन की पहली खुराक ली है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपकी उसी प्रकार और एक ही ब्रांड की वैक्सीन लगाई गई है।

क्या आप चुन सकते हैं कि कौन सी वैक्सीन लेनी है?

लाभार्थी अपने लिए दो टीकों के बीच चयन नहीं कर सकते हैं। हालांकि, हालिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ राज्य अपनी पंसद का विकल्प चुनने की छूट देते हैं। जैसे कि, तमिलनाडु अब लोगों को कोविशील्ड और कोवैक्सिन के बीच चयन करने की अनुमति दे रहा है। दूसरी ओर, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने यह सुनिश्चित किया है कि ऐसा कोई विकल्प लोगों को उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।

क्या टीकाकरण के बाद हमें कोविड-19 से जुड़े नियमों का पालन करने की आवश्यकता है?

हां, टीकाकरण के बाद भी कोविड के नियमों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी जाती है जैसे कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना और टीकाकरण होने के बाद भी दूसरों से उचित दूरी बनाए रखना। इसके दो कारण हैं। पहला ये कि कोई भी टीका कोविड से 100% सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है। इसलिए, आपको अभी भी संक्रमित होने का 10-20% जोखिम है। दूसरा, जब तक वायरस से लड़ने के लिए आपकी इम्यूनिटी मजबूत नहीं हो जाती है, तब तक आप कैरियर हो सकते हैं और दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं।

यह वैक्सीन इस महामारी से लड़ने में कैसे और कितनी कारगर होगी, इससे जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी अभी भी अपने शुरूआती चरण में हैं। जब तब इस बारे में और नई जानकारी नहीं मिलती हैं तब तक मास्क लगाना और सामाजिक दूरी बनाए रखना ही कोविड से बचे रहने का कारगर तरीका है।


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